सरदार सरोवर बांध,

जो सीमेंट, लोहे, रेती … से बना होन के बावजूद भी,

बहुत दुखी है ।

सरदार सरोवर बांधने देखा,

उपर की तरफ लोग डूब से परेशान है,

नीचे की तरफ ‘नर्मदा मैया’ मर रही है,

बांध के दोनों ही तरफ,
कुदरत और इन्सानो की
तबाही ही तबाही है ।

और उसके ही नाम पर,

बांध पर खड़े हो कर,

प्रधानमंत्री “उत्सव” मनाने में मशगूल है ।

वोट का जुगाड़ करने में लगे हुवे है ।

सरदार सरोवर बांध का दिल,

उसे यह कहने को मजबूर है,

की,

है सरदार सरोवर बांध,

तू,

यहाँ से हट जा,

नहीं तो,

इतिहास,

तूझे भी माफ् नही करेगा ।
———

By Rohit Prajapati

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